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US Election में डेमोक्रेट्स का अहम सीटों पर कब्जा; कई भारतवंशी उम्मीदवारों ने भी मारी बाजी, बौखलाए ट्रंप बोले-मैं मेदान में होता तो…

Washington: अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह चुनाव परिणाम स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। मंगलवार रात ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ को दिए साक्षात्कार में उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई। ट्रंप ने कहा, ”हम डेमोक्रेट्स के साथ काम करेंगे और उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं। हम संभवतः कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे।” हालांकि, उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन की वजह खुद का चुनाव मैदान में नहीं होना बताया। ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ”मैं चुनाव मैदान में नहीं था और अगर होता, तो हम भारी बहुमत से जीतते!”  ट्रंप ने साउथ कैरोलिना की रिपब्लिकन सीनेटर डार्लिन ग्राहम और टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन जैसे उम्मीदवारों का समर्थन करने पर कोई पछतावा नहीं जताया। इससे कुछ दिन पहले उन्होंने कहा था कि अगले दो वर्षों तक वह राष्ट्रपति के विशेषाधिकार यानी वीटो शक्ति का इस्तेमाल करके सरकार चलाएंगे।

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डेमोक्रेट्स ने कई अहम सीटों पर दर्ज की जीत
चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने टेक्सास, नॉर्थ कैरोलिना, साउथ कैरोलिना और ओहायो में सीनेट की सीटों पर जीत हासिल की। पार्टी ने जॉर्जिया और न्यू हैम्पशायर में भी सफलता दर्ज की। नॉर्थ कैरोलिना के पूर्व गवर्नर रॉय कूपर ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइकल वाटली को हराया। इन सभी राज्यों में ट्रंप ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था और मतदाताओं से उन्हें समर्थन देने की अपील की थी। चुनावी नतीजों को ट्रंप के प्रति जनता की नाराजगी और बदलाव की इच्छा के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

भारतीय मूल के उम्मीदवारों का शानदार प्रदर्शन
मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के अमेरिकी उम्मीदवारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। डेमोक्रेटिक पार्टी के सुहास सुब्रमण्यम वर्जीनिया से दोबारा प्रतिनिधि सभा के सदस्य निर्वाचित हुए। अरुणा मिलर मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के पद पर फिर से चुनी गईं। वहीं, पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें संसदीय क्षेत्र से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। दूसरी ओर, ओहायो के गवर्नर पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी पीछे चल रहे थे। भारतीय मूल के अन्य उम्मीदवारों में रो खन्ना, अमी बेरा और प्रमिला जयपाल भी दोबारा चुनाव मैदान में थे। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अमिष शाह पहली बार प्रतिनिधि सभा में पहुंचने के लिए चुनाव लड़ रहे थे। केरलम में जन्मी नित्या रमन लॉस एंजिलिस के मेयर पद के चुनाव में अपनी पूर्व बॉस करेन बास को चुनौती दे रही थीं।

435 प्रतिनिधि और 37 सीनेट सीटों के लिए मतदान
अमेरिका में मंगलवार को प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों, सीनेट की 37 सीटों, 36 राज्यों के गवर्नर पदों और कई स्थानीय निकायों के लिए मतदान हुआ। शुरुआती सर्वेक्षणों के अनुसार, मतदाता देश की मौजूदा स्थिति, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के कामकाज से असंतुष्ट नजर आए। CNN के शुरुआती सर्वेक्षणों में भी जनता की नाराजगी के संकेत मिले। मतदान के दौरान ट्रंप व्हाइट हाउस में अपने सलाहकारों के साथ मौजूद रहे और सोशल मीडिया के जरिए रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करते रहे।

इजराइल को सहायता बंद करने की घोषणा  चर्चा में
मतदान के दिन ट्रंप ने इजराइल को दी जाने वाली चार अरब डॉलर की सहायता अगले वर्ष से बंद करने की अचानक घोषणा की। डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने इसे डेमोक्रेटिक पार्टी की चुनावी लहर को रोकने की हताश कोशिश बताया। प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफरीस ने कहा कि उनकी पार्टी बदलाव के मुहाने पर खड़ी है और निचले सदन में फिर से बहुमत हासिल करने जा रही है। इन चुनावों के नतीजे तय करेंगे कि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी संसद के दोनों सदनों पर नियंत्रण बनाए रखती है या डेमोक्रेट्स कम से कम प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर राष्ट्रपति के फैसलों पर संसदीय निगरानी बढ़ाते हैं। 






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